अभिव्यक्ति के सारे रास्ते बंद नहीं हुए !

palash

बशर्ते हमें उनके इस्तेमाल की तमीज हो और हमारे सरोकार भी जिंदा हों !
पलाश विश्वास /
….इस प्रकरण से मेरी यह धारणा और मजबूत हुई है कि जैसे राम चंद्र गुहा ने लिखा है कि मीडिया कारपोरेट के पे रोल पर है और हम लोग करीब चार दशक से ऐसा ही कह रहे हैं,इसके विपरीत अभिव्यक्ति के सारे रास्ते बंद नहीं हुए हैं बशर्ते कि हमें उनके इस्तेमाल की तमीज हो और हमारे सरोकार भी जिंदा हों! …जन्मदिन से मैंने बात दरअसल फेसबुक और सोशल मीडिया की बढ़ती ताकत की और इशारा करने के लिए शुरू की।…

हिंदी और भारतीय भाषाओं को लेकर समाज में है सन्नाटा

akshara----

बाजार और मीडिया के बीच भारतीय भाषाएं
संजय द्विवेदी /
हिंदी और भारतीय भाषाओं को लेकर समाज में एक अजीब सा सन्नाटा है। संचार व मीडिया की भाषा पर कोई बात नहीं करना चाहता। उसके जायज-नाजायज इस्तेमाल और भाषा में दूसरी भाषाओं खासकर अंग्रेजी की मिलावट को लेकर भी कोई प्रतिरोध नजर नहीं आ रहा है। ठेठ हिंदी का ठाठ जैसे अंग्रेजी के आतंक के सामने सहमा पड़ा है ……..

पटना उच्च न्यायालय ने शोभना की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

ht high court order 001

हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाला
श्रीकृष्ण प्रसाद, मुंगेर, 17 मई ।
विश्व के सनसनीखेज 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान के विज्ञापन घोटाले से जुड़े मुंगेर कोतवाली कांड संख्या-445।2011 में पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति माननीय ज्योति शरण ने अभियुक्त संख्या 01 मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड की अध्यक्ष एवं ऐडिटोरियल डायरेक्टर शोभना भरतिया की गिरफ्तारी और उनके विरूद्ध अन्य पुलिस काररवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।……

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palash

अभिव्यक्ति के सारे रास्ते बंद नहीं हुए !

बशर्ते हमें उनके इस्तेमाल की तमीज हो और हमारे सरोकार भी जिंदा हों !
पलाश विश्वास /
….इस प्रकरण से मेरी यह धारणा और मजबूत हुई है कि जैसे राम चंद्र गुहा ने लिखा है कि मीडिया कारपोरेट के पे रोल पर है और हम लोग करीब चार दशक से ऐसा ही कह रहे हैं,इसके विपरीत अभिव्यक्ति के सारे रास्ते बंद नहीं हुए हैं बशर्ते कि हमें उनके इस्तेमाल की तमीज हो और हमारे सरोकार भी जिंदा हों! …जन्मदिन से मैंने बात दरअसल फेसबुक और सोशल मीडिया की बढ़ती ताकत की और इशारा करने के लिए शुरू की।…

May 19, 2012 0
akshara----

हिंदी और भारतीय भाषाओं को लेकर समाज में है सन्नाटा

बाजार और मीडिया के बीच भारतीय भाषाएं
संजय द्विवेदी /
हिंदी और भारतीय भाषाओं को लेकर समाज में एक अजीब सा सन्नाटा है। संचार व मीडिया की भाषा पर कोई बात नहीं करना चाहता। उसके जायज-नाजायज इस्तेमाल और भाषा में दूसरी भाषाओं खासकर अंग्रेजी की मिलावट को लेकर भी कोई प्रतिरोध नजर नहीं आ रहा है। ठेठ हिंदी का ठाठ जैसे अंग्रेजी के आतंक के सामने सहमा पड़ा है ……..

May 19, 2012 0
ht high court order 001

पटना उच्च न्यायालय ने शोभना की गिरफ्तारी पर रोक लगाई

हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाला
श्रीकृष्ण प्रसाद, मुंगेर, 17 मई ।
विश्व के सनसनीखेज 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान के विज्ञापन घोटाले से जुड़े मुंगेर कोतवाली कांड संख्या-445।2011 में पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति माननीय ज्योति शरण ने अभियुक्त संख्या 01 मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड की अध्यक्ष एवं ऐडिटोरियल डायरेक्टर शोभना भरतिया की गिरफ्तारी और उनके विरूद्ध अन्य पुलिस काररवाई पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।……

May 19, 2012 0
makhanlal

मीडिया शोध, प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग, वेब टेक्नालोजी तथा विकास प्रबंधन में नए पाठ्यक्रम

माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2012-13 के लिए प्रवेश प्रारम्भ
भोपाल,18 मई ।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में शैक्षणिक सत्र 2012&2013 में संचालित होने वाले विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। ….

May 18, 2012 0
copyrights

कापीराईट संशोधन विधेयक पारित

प्रियंका श्रीवास्तव(साई)/ नई दिल्ली, 18 मई। राज्यसभा ने कल कॉपीराइट संशोधन विधेयक २०१० पारित कर दिया। इसके तहत कॉपीराइट अधिनियम में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन किये गए हैं। इस विधेयक से व्यावहारिक कठिनाइयां दूर होंगी और डिजिटल वर्ल्ड तथा इन्टरनेट से जुड़े नये मुद्दों का समाधान मिल सकेगा।……..

May 18, 2012 0
kapil-sibal_

इंटरनेट पर किसी तरह की सेंसरशिप नहीं

नई दिल्ली, 17 मई । सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने गुरुवार को कहा कि फिलहाल सरकार इंटरनेट पर किसी तरह की कोई सेंसरशिप लगाने को तैयार नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कह दिया है कि इंटरनेट के नियमन के लिए बनाए गए नए नियमों पर सभी पक्षों के साथ विचार विमर्श भी किया जाएगा।….

May 17, 2012 0
ad

अश्लील विज्ञापनों पर रोक के लिए मीडिया खुद प्रयास करे

नई दिल्ली, 15 मई 2012। सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने आज लोकसभा में कहा कि अश्लील विज्ञापनों और सामग्री पर रोक लगाने के लिए मीडिया को खुद भी प्रयास करने चाहिए। टेलीविजन चैनलों पर महिलाओं के लिए अपमानजनक विज्ञापनों पर सदस्यों की चिंता के जवाब में श्रीमती सोनी ने कहा कि मीडिया के बारे में मंत्रियों के समूह में एजेंडा तैयार होने के बाद सर्वदलील बैठक बुलाई जा सकती है………

May 15, 2012 0
doordarshan logo

दूरदर्शन नेटवर्क में स्‍टाफ का भीषण अभाव

कई आकाशवाणी ट्रांस्‍मीटरों की दक्षता में कमी आयी है
नई दिल्ली, 14 मई।
सूचना और प्रसारण मंत्री श्रीमती अम्बिका सोनी ने राज्‍य सभा को यह जानकारी दी कि सामान्‍यतया दूरदर्शन केन्‍द्रों, टीवी ट्रांस्‍मीटरों और आकाशवाणी केंन्‍द्रों का कामकाज संतोषजनक है। तथापि, दूरदर्शन नेटवर्क में स्‍टॉफ का भीषण अभाव है ….

May 14, 2012 0
naw bihar times

“नव बिहार टाइम्स” अब और दस जगहों से

दिल्ली, पटना और बोकारो में 15 अगस्त 2012 से पहले शुरू होगा
औरंगाबाद । नव बिहार टाइम्स पब्लिकेशन अपनी रजत जयन्ती के अवसर पर दैनिक नव बिहार टाइम्स के 10 नये एडिशन लाने की तैयारी कर रहा है। इसकी शुरूआत बोकारो एडिशन से होगी। बाद में फिर गया, दिल्ली, सहारनपुर, रांची और पटना आदि जगहों से भी एडिशन की शुरुआत की जायेगी………………..

May 14, 2012 0
mcu-1

भारतीय भाषाएं को समर्थ बनाने की जरूरतः कुठियाला

संजय द्विवेदी / भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बृजकिशोर कुठियाला का कहना है कि मातृभाषाओं की एकता और अंर्तसंवाद के लिए प्रयास तेज करने की जरूरत है ताकि भारतीय भाषाएं मिलकर अंग्रेजी के साम्राज्यवाद का मुकाबला कर सकें…………

May 14, 2012 0

बहस

  • क्या पत्रकारिता के मानक तय नही करने चाहिये?

    अरुण लाल /मेरे एक मित्र बड़े भावुक हो गये और वीकली पत्रकारिता को लगे गरियाने। उनका कहना था कि यहाँ बहुत बड़े पैमाने पर पत्रकार धमकाने के धंधे में व्यस्त हैं! पर यहाँ विकली को कोसने और उसे घटिया कहने से कोई लाभ कैसे हो सकता है ….
    क्या वर्तमान पत्रकारिता में जुटे हुए लोग इसकी गम्भीर जिम्मेवारी से परिचित हैं ? आये दिनों यह बात उठती है की पत्रकारिता पतन की ओर बढ़ रही है! क्या हमे पत्रकारिता के मानक को तय नही करना चाहिये? क्या यह मात्र रोजगार है ?……..

 
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पत्रकारिता : एक नज़र में

  • फीचर (रूपक)

    आज फीचर भी पत्रकारिता का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। वस्तुतः फीचर, समाचार का ही दिलचस्प, मनोरंजक व ज्ञानवर्द्धक तथ्यों के साथ सचित्र प्रस्तुतिकरण है। बल्कि इसमें नियमित खबरों की अपेक्षा उसके कारण, परिणाम, प्रभाव आदि पर अधिक जानकारी व शोध जुटाये जाते हैं। परिभाषा ब्रेन निकोलस ने फीचर को [...]

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